भारत बनाम पाकिस्तान जय शाह तिरंगा विवाद

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भारत ने एशिया कप के महा मुकाबले में पाकिस्तान को 4 विकेट से हराया एक व्यक्ति ने अमित शाह के बेटे जय शाह को तिरंगा थमाने की कोशिश की किंतु जय शाह ने इंकार कर दिया। जी हां यह मुद्दा विपक्ष ने घेर लिया है और इसे तवे पर गर्म किया जा रहा है आइए समझते हैं आखिर यह विवाद है क्या और हुआ क्यों?

विपक्षी दल ने जमकर ट्वीट किए और अमित शाह तथा उनके बेटे जय शाह पर तीखा निशाना साधा।

भारत बनाम पाकिस्तान जय शाह तिरंगा विवाद

एशिया के महा मुकाबले में भारत और पाकिस्तान का मैच बीत चुका है किंतु जय शाह का तिरंगा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच रोंगटे खड़े कर देने वाला महा मुकाबला चल रहा था और इस मुकाबले को देखने के लिए कई दिग्गज स्टेडियम में उपस्थित थे। इस महा मुकाबले को देखने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव जय शाह भी मौजूद थे।  भारत और पाकिस्तान का मैच अपने आखिरी ओवर में चल रहा था और भारत के जीत के हीरो हार्दिक पांड्या ने जैसे ही विनिंग छक्का लगाया तो पहले से जोश में उछल रहे जय शाह  और भी ज्यादा उत्साहित हो गए और अपनी सीट से उठकर जश्न मनाने लगे इतने में एक व्यक्ति ने जय शाह को भारत का तिरंगा पकड़ाने की कोशिश की किंतु जय शाह ने तिरंगा थामने से इंकार कर दिया और यहीं से शुरुआत हुई पूरे विवाद की। अब इस पर पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है एक प्रकार का बवाल मचा हुआ है।

यूं तो जय शाह भारत-पाकिस्तान मैच के पल पल को इंजॉय करते दिखे हर चौक के हर छक्के पर उत्साहित होते नजर आए किंतु तिरंगे को ना थामना उनके खिलाफ गया। नतीजा यह हुआ कि सोशल मीडिया पर लोगों ने जय शाह को जमकर ट्रोल किया और इसका भरपूर फायदा विपक्षी पार्टी ने भी उठाया तथा बाप बेटे दोनों को घेरा। 

जय शाह विवाद तिरंगा

कुछ रिपोर्ट्स जय शाह को सही मान रही है तो कुछ गलत आइए समझते हैं इन अलग-अलग नजरियों को अपनी नजर से।

नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के मुताबिक जय शाह ने कुछ भी गलत नहीं किया बल्कि देश का गौरव बढ़ाया है। जय शाह एशियन क्रिकेट काउंसिल पर एक महत्वपूर्ण पद पर है और उन्होंने अपनी ड्यूटी निभाई है। यहां पर नंबर आता है खेल नियमों का जिसे समझना जरूरी है। आईसीसी के कोड ऑफ एथिक्स के क्लास 2.2 यानी लॉयल्टी के अंदर आने वाले नियम 2.2.2.2 के अनुसार एक डायरेक्टर कमिटी मेंबर, स्टाफ मेंबर किसी भी खास स्टेक होल्डर जैसे नेशनल क्रिकेट फेडरेशन या फेडरेशन का समूह या किसी थर्ड पार्टी जैसे सरकार या पॉलीटिकल बाड़ी इनमें से किसी के इंटरेस्ट को प्रमोट नहीं कर सकता है। जय शाह नेअपने पद की गरिमा  रखी  यदि वह तिरंगा पकड़ते तो प्रोटोकॉल का उल्लंघन होता क्योंकि वह क्रिकेट बॉडी में एक महत्वपूर्ण पद पर हैं और ना सिर्फ बीसीसीआई के सचिव है बल्कि ऐसीसी को भी रिप्रेजेंट कर रहे थे।

किंतु एक बड़ा सवाल यह भी उठता है कि यदि वे तिरंगा थामने पर किसी एक टीम को सपोर्ट कर प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के दोषी पाए जाते है किंतु विनिंग शॉट पर एक टीम को पूरी तरह से अपना सपोर्ट दिखाते हैं और किसी भी प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं होता है!

कांग्रेस के जय शाह पर ट्वीट

कांग्रेस महासचिव जय राम रमेश ट्वीट –  मेरे पास पापा है, झंडा अपने पास रखो। रमेश ने BCCI को टैग करते हुए यह ट्वीट किया। 

कॉन्ग्रेस अजय कुमार  ट्वीट –  लगता है तिरंगा खादी का था पॉलिस्टर का नहीं। 

कर्नाटक कांग्रेस विधायक प्रियांग खड़के ट्वीट – पाकिस्तान पर भारत की जीत के बाद जय शाह ने तिरंगा थामने से इंकार क्यों किया। उन्होंने पूछा क्या जय शाह को भगवा ध्वजा या भाजपा का झंडा चाहिए था। 

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