इंडियन क्रिकेट टीम में कैसे खेलें जानिए

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आज हर कोई भारत के लिए क्रिकेट खेलना चाहता है और आप भी अगर यही सोच रहे हैं कि इंडियन क्रिकेट टीम में कैसे जाएं तो आज हम इस पोस्ट में आपको स्टेप बाय स्टेप यह बताएंगे की आप भारत के लिए कैसे क्रिकेट खेल सकते हैं।

इंडियन क्रिकेट टीम में कैसे खेलें

भारत की क्रिकेट टीम में जगह बनाने के लिए आपको डोमेस्टिक लेवल यानी घरेलू क्रिकेट से गुजरना होगा बगैर घरेलू क्रिकेट खेले आप भारत की टीम में जगह नहीं बना सकते हैं। घरेलू क्रिकेट की शुरुआत कैसे करें आपके दिमाग में जरूर यह सवाल आ रहा होगा तो इस पोस्ट को ठीक से पढ़ें हम आपको क्रम वाइज घरेलू क्रिकेट की जानकारी देंगे जहां से आप भारत के क्रिकेट ड्रेसिंग रूम तक पहुंच सकते हैं।

इंडियन क्रिकेट टीम में कैसे जाएं

भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए आपको निम्न घरेलु क्रिकेट में अपनी जगह बनानी पड़ेगी इन सभी डोमेस्टिक क्रिकेट की सिलसिलेवार तरीके से नीचे जानकारी दी गई है।डिस्ट्रिक्ट लेवल क्रिकेटस्टेट लेवल क्रिकेटरणजी ट्रॉफी या दिलीप ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी, रेलवेज, जोन क्रिकेट

डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट मैं कैसे खेले

डोमेस्टिक क्रिकेट में सबसे पहले नंबर आता है डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट का । जी हां आपको सबसे पहले जो डिस्टिक क्रिकेट खेलना होगा तभी आप बाकी घरेलू मैचों में अपनी जगह बना पाएंगे। आप जिस भी राज्य में रहते हैं वहां पर अलग-अलग जिले होते हैं और हर जिले का एक क्रिकेट एसोसिएशन सेंटर होता है जिसे डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन कहते हैं आप इसे अपने क्रिकेट सफर की पहली सीढ़ी मान सकते हैं। एक राज्य में 1 से ज्यादा जिले होते हैं अतः आप अपने शहर के सबसे नजदीक वाले जिले का चयन करें।

डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट टीम में कैसे खेले

डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट टीम के सिलेक्शन ट्रायल्स हर साल होते हैं। आपको करना इतना है कि ट्रायल्स का फॉर्म आपको प्राप्त करना होगा और ट्रायल में भाग लेना होगा यदि आप सेलेक्ट हो जाते हैं तो आप अपने जिले की डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट टीम में अपनी जगह बना लेते हैं।

डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट ट्रायल्स के फॉर्म कहां से मिलेंगे

डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट ट्रायल्स के फॉर्म हर साल आते हैं यह फॉर्म आपको डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के ऑफिस से मिल जाएंगे। ट्रायल्स की डेट आपको दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे अखबारों में एक हफ्ते पहले ही पता चल पाएगी। यदि आप किसी क्रिकेट एकेडमी में है तो आपको ट्रायल्स की डेट जानने में थोड़ा ज्यादा आसानी हो जाएगी।

क्रिकेट ट्रायल मैं कैसे पार्टिसिपेट करें

क्रिकेट ट्रायल में पार्टिसिपेट करने के लिए यह जरूरी नहीं कि आपको क्रिकेट क्लब ज्वाइन करना ही पड़े। आप बिना क्रिकेट क्लब ज्वाइन करके भी क्रिकेट ट्रायल में पार्टिसिपेट कर सकते हैं क्रिकेट एकेडमी में ज्वाइन करने से फायदा यह होता है कि आप की निरंतर प्रैक्टिस होती है और ट्रायल्स की डेट आपको समय पर पता चल जाती है तथा एकेडमी आपको अपने कोच के साथ ट्रायल देने के लिए भेजती है।

स्टेट लेवल क्रिकेट में जगह कैसे बनाएं

डिस्टिक के बाद नंबर आता है स्टेट लेवल का यदि आपने एक बार डिस्टिक लेवल में अपनी जगह बना दी तो आपके निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के बाद आप की जगह स्टेट लेवल में भी बन जाती है। स्टेट लेवल क्रिकेट एक अहम क्रिकेट प्लेटफार्म होता है इसलिए आप जब भी क्लब में या स्कूल में प्रैक्टिस करें तो स्टेट लेवल के हिसाब से ही प्रैक्टिस करें क्योंकि स्टेट लेवल में क्रिकेट खेलने से कई रास्ते खुल जाते हैं इसके बाद ही रणजी ट्रॉफी और अन्य ट्रॉफियों का नंबर आता है। कई बार स्टेट लेवल क्रिकेट खेलने से आपका सिलेक्शन सीधे रेलवेज और अन्य सरकारी जॉब के लिए भी हो सकता है।

स्टेट लेवल क्रिकेट का ट्रायल कब होता है

स्टेट लेवल क्रिकेट का ट्रायल भी हर वर्ष होता है। इसका ट्रायल हर राज्य में अलग-अलग समय पर हो सकता है। कई राज्यों में स्टेट लेवल का ट्रायल मार्च-अप्रैल में होता है तो कुछ राज्यों में मई-जून में भी होता है अतः इसके लिए जरूरी है कि आप अपने राज्य के क्रिकेट स्टेट एसोसिएशन से संपर्क करें और वहां से अपने स्टेट के लिए ट्रायल होने का समय पता करें। ट्रायल्स की डेट 1 हफ्ते पहले दैनिक जागरण अमर उजाला जैसे अखबारों में आ जाती है। यदि आप एक बार स्टेट लेवल क्रिकेट तक पहुंच गए तो किसी भी पल आप रणजी ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी या अन्य किसी बड़ी ट्रॉफी में अपनी जगह बना सकते हैं।

आपको एक बात जरूर समझ लेनी चाहिए कि स्टेट लेवल से ही क्रिकेट के अन्य दरवाजे खुलते हैं और आपको मौका मिलता है आगे बढ़ने का। स्टेट लेवल मैं अच्छा प्रदर्शन कर के आप क्रिकेट के इन लेवल्स पर खेल सकता है इनके नाम निम्न हैरणजी ट्रॉफी, विजय हज़ारे ट्रॉफी, रेलवेज क्रिकेट, जोन क्रिकेट आदि इनके अलावा आपका सिलेक्शन किसी और घरेलू क्रिकेट के लिए भी हो सकता है। घरेलू क्रिकेट के सारे लेवल्स को जानने के लिए यह पढ़ें रणजी ट्रॉफी ट्रायल्स में क्या होता है।

रणजी ट्रॉफी में सिलेक्शन कैसे होता है

रणजी ट्रॉफी में सिलेक्शन रणजी ट्रॉफी ट्रायल्स के माध्यम से होता है पर कई बार जब आप स्टेट लेवल में निरंतर पूरे साल बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं तो आपका सिलेक्शन पहले ही किसी रणजी टीम के द्वारा कर लिया जाता है पर ऐसा जरूरी नहीं है कि हर बार ऐसा हो ही क्योंकि ऐसा रणजी टीम किसी स्पेशल टैलेंट को देखकर करती है। रणजी ट्रॉफी ट्रायल्स मैं सिलेक्शन के बाद पूरे समूह का एक कैंप लगता है जिसमें तकरीबन 50 से 60 बच्चे होते हैं इस कैंप में ही फाइनल सिलेक्शन होता है और पता चलता है कि लास्ट राउंड में रणजी ट्रॉफी में किस किस का सिलेक्शन हुआ है। इस कैंप में खिलाड़ियों की स्किल देखी जाती है उनकी बैटिंग और बॉलिंग टेक्निक को देखा जाता है और काफी नजदीक से परखा जाता है यह कैंप तकरीबन 1 महीने चलता है और इसमें आपस में टीम बनाकर क्रिकेट मैच भी करवाए जाते हैं।

रणजी ट्रॉफी के ट्रायल्स की जानकारी

स्टेट लेवल की तरह ही रणजी ट्रॉफी के ट्रायल्स भी हर राज्य में अलग-अलग समय पर होते रहते हैं यह ज्यादातर मार्च में होते हैं। पर जरूरी यह है कि आप अपने राज्य के क्रिकेट एसोसिएशन बोर्ड से संपर्क कर इनके ट्रायल्स की सही जानकारी प्राप्त करें और उसके बाद दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे उच्च स्तरीय अखबारों में ट्रायल डेट का इंतजार करें क्योंकि इनके ट्रायल्स भी राज्यों में अलग-अलग महीनों के हिसाब से होते हैं। यह ज़रूर है की स्टेट लेवल में खेलने से आप को रणजी ट्रॉफी के ट्रायल्स की डेट आसानी से पता चल जाती है।

रणजी ट्रॉफी के ट्रायल्स कब होते हैं

रणजी ट्रॉफी के ट्रायल्स भी हर साल होते हैं जिस तरह डोमेस्टिक लेवल के ट्रायल और स्टेट लेवल के ट्रायल होते हैं उसी तरह रणजी ट्रॉफी के ट्रायल्स भी हर साल होते रहते हैं। रणजी ट्रॉफी के ट्रायल तक पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले डिस्ट्रिक्ट लेवल फिर स्टेट लेवल खेलना होता है यदि आप डिस्ट्रिक्ट लेवल खेल रहे हैं तो आप डायरेक्ट रणजी ट्रॉफी ट्रायल्स पर नहीं आ सकते इसलिए जरूरी है आपका स्टेटस की क्रिकेट टीम तक पहुंचना।

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