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शारीरिक शिक्षा की पढाई करने के बाद जॉब के लिए कहाँ apply करें, after B.P.E.d or M.P.E.D scope for job in Physical Education

इस पोस्ट में मैं आपको स्पोर्ट्स टीचर या स्पोर्ट्स कोच की जॉब के लिए कैसे और कहाँ अप्लाई करें यह बताऊंगा स्पोर्ट्स कंपनी जॉब्स salaries 16 k to 28 k पोस्ट के आखिर में आप कुछ स्पोर्ट्स कमपनीज़ के बारे में देख सकते हैं जो काफी अच्छा वेतन देती हैं और आपको एक स्पोर्ट्स टीचर के लिए कम्पनी की और से चुना जाता है इसमें आपकी कंपनी के प्रति जवाबदेही होती है।

Sports Journalism

स्पोर्ट्स जर्नलिस्म का मतलब खेल के फील्ड में पत्रकारिता से ही नहीं बल्कि काफी सारे ऑप्शन इसके अंतर्गत आते हैं जैसे कई खिलाडियों का इंटरव्यू लेना होता है उनके बारे में लिखना होता है यह एक जॉब का अच्छा विकल्प भी है इसकी अलग से पढाई व कोर्स होता है जो आप ग्रेजुएशन के दौरान या बाद में भी कर सकते हैं। दोस्तों यदि आप लिखने या बोलने में अच्छे हैं तो स्पोर्ट्स जर्नलिस्म में हाथ आज़मा सकते हैं।

Health Education

किसी विद्यालय मे स्वास्थ्य शिक्षा को बनाए रखना इस प्रकार के एजुकेशन के अंतर्गत आता है, हेल्थ एजुकेशन अपने आप में बेहद बड़ा विषय है।

यदि आपने भी शारीरिक शिक्षा की पढाई की है :

यदि आपने बी पि एड अथवा म पि एड किया है और जॉब के विकल्प ढून्ढ रहे हैं तो आपको निम्न बिंदुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है ।

1. School – स्कूल मे बाकी सब्जेक्ट टीचर्स की तरह फिजिकल एजुकेशन टीचर की भी आवश्यकता होती है । हर स्कूल मे दो पि इ टी यानी फिजिकल एजुकेशन टीचर अनिवार्य होते हैं । कुछ स्कूलों मे प्री प्राइमरी पि इ टी भी होते हैं अतः आप सर्वप्रथम स्कूल मे games and sports teacher job के लिए apply कर सकते हैं।

2. केंद्रीय विद्यालय – के 0 वि स्कूलों मे हर साल फरवरी-मार्च मे फिजिकल एजुकेशन टीचर की vacancy आती है यह contract base होती है अतः केवल एक साल के लिए होती है किन्तु एक बार अनुभव लेने के बाद अन्य के 0 वि स्कूल्स के दरवाजे भी आप के लिए खुल जाते हैं। salary package 21,000 to 26,000 होता है यह फिक्स salary है जो हर साल एक हज़ार का इंक्रीमेंट होने पर बढ़ता भी है।

3. केंद्रीय विद्यालय मे सरकारी टीचर हेतु अप्लाई करे- हर साल Nov – December और कई स्कूलों मे February मे सरकारी शिक्षकों की भर्ती हेतु परीक्षा होती है। ध्यान रहे apply करने के लिए फॉर्म काफी पहले भरे जाते हैं जिसकी जानकारी ऑनलाइन मिल जाती है। minimum salary 40,000 plus होती हैं यह भी हर राज्य मे थोड़ी भिन्न होती है।

3. आर्मी स्कूल – के 0 वि स्कूल्स की तरह आर्मी स्कूल भी अच्छा विकल्प है यहाँ भी आप कॉन्ट्रैक्ट बेस तथा सरकारी शिक्षकों की भर्ती के लिए apply कर सकते हैं।

4. College – यदि आपने M.P.E.D किया है तो ही आप कॉलेज मे शिक्षक के लिए आवेदन भर सकते हैं।

5. Private School – फिजिकल एजुकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद जॉब का अनुभव लेने के लिए प्राइवेट स्कूल्स सबसे आसान विकल्प है। किन्तु यहाँ salary का कोई मापदंड नहीं है वह आपके interview पर निर्भर करता है तथा स्कूल की ग्रोथ पर भी निर्भर करता है। Delhi, Mumbai, Bangalore मे आपको आसानी से 20,000 रूपए तक मिल जाते हैं।

परन्तु ज़्यादातर शहरों मे शिक्षक अपनी योग्यता से कही कम वेतन पर काम करते हैं 5,000-6,000 जो की किसी भी कीमत मे नाकाफी ही नहीं बल्कि ग़लत भी है। क्योंकि कम वेतन मे प्राइवेट स्कूल कई ऐसे शिक्षक भी रख लेते हैं जिनके पास या तो उचित शिक्षा सम्बन्धी डाक्यूमेंट्स नहीं होते हैं या अभी वे खुद भी किसी बी 0 एड कॉलेज में पढ़ ही रहे होते है।

यह वाकय मे हमारे देश का दुर्भाग्य है। सोचिए ऐसे शिक्षक जो अभी खुद भी पढ़ रहे है वे दसवीं बारवी के विध्यार्तीयों को क्या और कैसे पढ़ाते होंगे, शिक्षा महज़ एक खानापूर्ति बन कर रह गई है ।

एक हकीकत यह भी है की भले ही ये शिक्षक 5-6 हज़ार महीना वेतन ले रहे हों परन्तु प्राइवेट स्कूल अपने कंप्यूटर में एक ऐसा डाटा फीड करते हैं जिसके अनुसार इन शिक्षकों को कई ज़्यादा वेतन दिया जा रहा है लगभग 18-20 हज़ार और यही आंकड़ा वे सरकार के पास भेजते हैं ।

हैरानी तो तब होती है जब सरकार को इस हेरा फेरी का पता नहीं चलता है वो भी नजाने कितने सालो से ऐसा चला आ रहा है और कितने सालो तक और चलेगा ।

सच कहूं तो जवाब मेरे पास है, और आपके पास भी।

ऐसा तब तक चलेगा जब तक हर 5 साल के बाद ठीक इलेक्शन से पहले L T की vacancy आती रहेगी। ऐसा तब तक चलेगा जब तक एक शिक्षक एक क्लास मे 40 बच्चों को पढ़ाता या कह लीजिये attend करता रहेगा। ऐसा तब तक चलता रहेगा जब तक मंत्रियों के बच्चे इन स्कूल्स मे नहीं पढ़ेंगे । सरकारी स्कूल्स का हाल तो किसी से छुपा नहीं है। वहां शिक्षकों की ज़बरदस्त कमी है पर फिर भी vacancy क्यों नहीं आती है हर साल vacancy के नाम पर महज़ खानापूर्ति क्यों होती है।

ऐसा लगता है मानो “सरकार उस कबूतर के समान है जो अपनी गलतियों को आँख बंद करके देखता है।”

किसी भी देश का स्तर तब ही बढ़ सकता है जब वहां मुख्यतः 2 पहलुओं को प्राथमिकता दी जाय 1st स्वास्थ तथा 2nd शिक्षा, पर भारत मे दोनों ही गिनती मे सबसे निचले स्तर पर हैं। यदि Top -10 की गणना हो तो 10th नंबर पर स्वास्थ तथा 9th नंबर पर शिक्षा कई सालों से विराजमान हैं, पर नजाने अब तक गिनिस बुक मे नाम दर्ज क्यों नहीं करवा पाए।

मित्रों आपको ये सब जान कर थोड़ा दुःख ज़रूर हुआ होगा और यदि आपको job का थोड़ा भी अनुभव होगा तो ये सब आप जानते ही होंगे बहरहाल कुछ अच्छी खबर यह है की अब स्पोर्ट्स जॉब के लिए कुछ अच्छे platform भी सामने आ रहे हैं जो आपको स्कूल्स मे ही placement देंगे।

इनकी सिर्फ एक कंडीशन रहती है की ये आपको शुरू के 2 साल आपकी होम लोकेशन मे प्लेसमेंट नहीं देते है पर पैकेज आपको अच्छा देते है minimum salary 16,000- 28,000 जोआपके इंटरव्यू पर निर्भर करता है।

यह मेरा पर्सनल अनुभव है मैंने भी Edu Sports company में काम किया है। वह मेरा 1st स्कूल जॉब था और मुझे 21,000 पैकेज मिला था। स्पोर्ट्स कंपनी में जॉब करने का फायदा ये है की आपको सैलरी पैकेज अच्छा मिलता है और काफी कुछ सीखने को भी मिलता है।

कुछ स्पोर्ट्स कंपनियों के नाम –

भारत में किन स्पोर्ट्स कंपनियों में जॉब के लिए अप्लाई किया जा सकता है ?

यूँ तो कई स्पोर्ट्स कंपनी है पर ये कुछ चुनिंदा कंपनी हैं Edu Sports, Fito Kids, Kid Shapers


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