बॉक्स क्रिकेट बिजनेस कैसे शुरू करें निवेश फायदा | How to start box cricket business 

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टर्फ बॉक्स क्रिकेट बिजनेस कैसे शुरू करें? कितना निवेश/फायदा, इसे फायदेमंद कैसे बनाएं? बॉक्स क्रिकेट बिजनेस (Box cricket business) फायदेमंद है, जरूरी बातें!

बॉक्स क्रिकेट बिजनेस फायदेमंद है या नुकसान, निर्भर करता है आपके रिसर्च पर! इसे शुरू करना कुछ बड़े बिजनेस की तुलना में थोड़ा आसान है। बॉक्स क्रिकेट बिजनेस शुरू करने के लिए आपको एक अच्छी लोकेशन पर जमीन खरीदनी या किराए पर लेनी होगी। जरूरी सामान व मेंटेनेंस का खर्चा होगा, सफलता के लिए जगह का चयन सबसे महत्वपूर्ण है, सुविधाएं जैसे रिफ्रेशमेंट व कैफे सेंटर लगाएं। 

बॉक्स क्रिकेट बिजनेस कैसे शुरू करें? क्या इसमें मुनाफा है या नहीं? कितना खर्चा आएगा, कितना प्रॉफिट होगा? क्या टर्फ लगाएं या नहीं, कौन सा टर्फ लगाएं उसका खर्चा कितना होगा, कितने बड़े नेट लगाएं उनका खर्चा कितना है, वैलिडिटी कितनी होगी, बॉक्स क्रिकेट कितने दिनों में तैयार हो जाएगा और टोटल खर्चा कितना आएगा? बॉक्स क्रिकेट को सफल बनाने के लिए क्या करें? न जाने कितने सवाल जो लोगों को परेशान करते हैं सबके जवाब यहां दिए गए हैं। 

बिजनेस शुरू करने से पहले आपको यह जानना चाहिए कि आखिर बॉक्स क्रिकेट खेलता कौन है जिसे हम टारगेट करें कि यह समझने के बाद आप एक अच्छी लोकेशन का चयन कर पाएंगे।

टर्फ बॉक्स क्रिकेट बिजनेस कैसे शुरू करें निवेश तथा फायदा 

बॉक्स क्रिकेट हेतु जरूरी समान व व्यक्ति 

  • टर्फ: 15 एमएम साइज का टर्फ उपयुक्त रहेगा वारंटी गारंटी वाले फीफा और आईसीसी अप्रूव खरीदेंगे तो लंबे समय तक चलेगा। लगभग 7 से 8 वर्ष की वैलिडिटी वाले टर्फ खरीदें जिनकी कीमत 64 रुपए प्रति स्क्वायर फीट के आस-पास होती है।  
  • क्रिकेट नेट्स: अच्छे वाले नेट्स खरीदें जिनकी वैलिडिटी कम से कम 5 साल हो। पुराने और फटे हुए नेट इस्तेमाल करेंगे तो कस्टमर दोबारा लौटकर नहीं आएंगे ना अपने दोस्त को वहां आने को कहेंगे, परिणाम कोई रेफरल नहीं। 
  • खंबे: बॉक्स क्रिकेट का स्ट्रक्चर तैयार करने में खंबे का अहम योगदान होता है इसलिए इन्हें क्वालिटी वाले और अच्छी कंपनियों से खरीदें। खंबे लगाने की जिम्मेदारी किसी अनुभवी कंस्ट्रक्शन ठेकेदार को दें। 
  • सिविल वर्क: खंबे लगाने से लेकर फ्लड लाइट लगाना, नेट लगाना व पूरा स्ट्रक्चर तैयार करना सिविल वर्क के अंतर्गत आता है। इसके लिए आपको चाहिए एक्सपर्ट्स किंतु बड़ी कंपनी काम लेने पर खर्चा डबल हो सकता है और 5 लाख का काम 7 से 8 लाख तक जा सकता है।
  • कंस्ट्रक्शन ठेकेदार तथा क्रिकेट कोच: कम खर्चे में अच्छा काम करने के लिए आप अपने एरिया के कंस्ट्रक्शन ठेकेदारों से बातचीत कर उन्हें हायर कर सकते हैं। साथ ही क्रिकेट कोच को हायर करना ना भूलें ताकि क्रिकेट पिच का डाइमेंशन अच्छे से बन सके लाइट किस दिशा में लगानी है यह सब कोच से परामर्श करें।

टर्फ तथा नेट्स खरीदने के लिए स्पोर्ट्सगो से संपर्क करें: sales@sportsgo.in

बॉक्स क्रिकेट बिजनेस शुरू करने के लिए जरूरी बातें 

  1. शहर
  2. नजरिया 
  3. ग्राउंड की लोकेशन
  4. आपके एरिया में क्रिकेट खेलने वाले युवा है या नहीं
  5. कॉरपोरेट्स कितने हैं जो खेलना चाहते हैं 
  6. समय क्या रखें 

शहर 

शहर का अहम योगदान है, वैसे तो भारत के ज्यादातर राज्यों में क्रिकेट लोकप्रिय खेल है किंतु आज भी कुछ शहरों में यह खेल नहीं या कम खेला जाता है। ऐसे में आपको पहले रिसर्च कर पता लगाना होगा कि आपके शहर में क्रिकेट की दीवानगी है या नहीं, अगर नहीं तो बॉक्स क्रिकेट की बजाय उस खेल को प्राथमिकता दें जो आपके शहर में अधिक लोकप्रिय हो। 

फॉर एग्जांपल पश्चिम बंगाल में क्रिकेट से अधिक फुटबॉल लोकप्रिय है तो वहां बॉक्स क्रिकेट की बजाय बॉक्स फुटबॉल लगाया जा सकता है। 

शहर के हिसाब से आप अपने बॉक्स क्रिकेट की फीस रख सकते हैं। दिल्ली मुंबई जैसे बड़े शहरों में फीस अधिक रखी जा सकती है जबकि सीतापुर जैसे छोटे शहरों में कम फीस में गुजारा करना होगा।

पर अधिक फीस का फायदा तभी मिलेगा जब आपके पास खुद की जमीन हो। बड़े शहरों में जमीन खरीदना और किराए पर लेना महंगा पड़ सकता है जबकि छोटे शहरों को इसका फायदा मिल सकता है क्योंकि वहां जमीन की कीमत तथा किराया दोनों बड़े शहरों की तुलना में सस्ता होगा।

लॉन्ग टर्म नजरिया 

आप बॉक्स क्रिकेट बिजनेस 5 साल तक चलाना लगाना चाहते हैं या 10 साल के लिए। शुरू में ही क्लियर करना जरूरी है क्योंकि इस बात पर निर्भर करता है बॉक्स क्रिकेट का कॉस्ट कितना होगा! 

क्योंकि कुछ नेट की वारंटी गारंटी 5 साल के लिए होती है कुछ की 8-10 साल। इसी प्रकार टर्फ की भी वारंटी गारंटी 5 से 10 साल के लिए होती है। 

लंबे समय तक चलने वाले टर्फ और नेट की कीमत अधिक होती है इसलिए आपको यह पहले तय करना होगा कि 5 साल या 10 साल के लिए आप इस बिजनेस को चलाना चाहते हैं। 

ग्राउंड की लोकेशन

बॉक्स क्रिकेट बिजनेस में लोकेशन का महत्वपूर्ण रोल होता है। अगर आपने बॉक्स क्रिकेट सेटअप ऐसी जगह लगा दिया जहां पहुंचने के लिए कोई साधन न हो या पहुंचना बेहद मुश्किल हो तो ऐसे में आपको स्टूडेंट मिलना काफी मुश्किल रहेगा। 

लोकेशन के बारे में रिसर्च जरूर करें और देखें कि वहां आने जाने के लिए लोगों को ई-रिक्शा टेंपो जैसे पर्याप्त साधन उपलब्ध हों और वे खुद की गाड़ियों से भी आजा सकें। 

अच्छी लोकेशन पर बिजनेस होगा तो प्रचार करना भी आसान होता है और जहां पर ज्यादातर लोग आसानी से पहुंच सकते हैं वहां पर इस बिजनेस को आगे चलकर बढ़ाना आसान रहेगा 

आपके एरिया में क्रिकेट खेलने वाले युवा है या नहीं

आपके एरिया में युवा है कि नहीं और जो है वह क्रिकेट खेलते हैं कि नहीं! इस बात कि रिसर्च करना भी बेहद जरूरी है अगर खेलने वाले खिलाड़ी ही नहीं होंगे तो सेटअप लगाने का कोई फायदा नहीं मिलेगा। 

कोई भी बिजनेस शुरू करने से पहले आपको पता होना चाहिए की आपका टारगेट ऑडियंस कौन सी है? अब बुजुर्ग तो इस खेल को खेलेंगे नहीं। इसलिए पहले रिसर्च करें युवा और कॉरपोरेट्स जो क्रिकेट खेलना चाहते हैं आपके एरिया में है कि नहीं।

कॉरपोरेट्स कितने हैं जो खेलना चाहते हैं 

यह खेल ना सिर्फ स्टूडेंट के बीच लोकप्रिय है बल्कि 30 से 50 उम्र के कॉरपोरेट्स यानी जॉब करने वालों और बिजनेसमैन के बीच भी काफी लोकप्रिय है। यह वे लोग होते हैं जो अपने समय में क्रिकेटर बनना चाहते थे किंतु नौकरी और बिजनेस में उलझ कर रह जाते हैं।

इन लोगों की छुट्टी शाम को 5:00 से 7:00 बजे के बीच होती है और उसे समय क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिलता क्योंकि ग्राउंड तक पहुंचते हुए अंधेरा हो जाता है, तथा अच्छा ग्राउंड नहीं मिल पाता है कई बार टॉस करते-करते समय निकल जाता है। 

बहुत सारे जॉब करने और बिजनेस करने वाले भी क्रिकेट के दीवाने होते हैं। यह लोग अक्सर बने बनाए सेटअप की तलाश में रहते हैं ताकि ऑफिस/बिजनेस से आने के बाद क्रिकेट खेल अपनी सेहत को अच्छा कर सके, मन को सुखी बना सके और थकान को खुशी के साथ मिटा सकें। 

क्योंकि यह लोग लगातार पैसा कमा रहे होते हैं तो इन्हें अपनी खुशी के लिए मंथली फीस देने में कोई समस्या नहीं होती। ऐसे लोगों को आप प्रीमियम क्लाइंट बना सकते हैं और उनके लिए एक निश्चित स्लॉट बुक कर सकते हैं। 

स्टूडेंट की तुलना में यह संख्या में थोड़े कम हो सकते हैं किंतु आपके रेगुलर क्लाइंट बन सकते हैं। अगर इन्हें ऐसी जगह सेटअप मिल जाए जहां आने जाने का समय बचता हो तो यह उस क्रिकेट बॉक्स अकादमी को ज्वाइन करने में देर नहीं लगाएंगे।

क्रिकेट बॉक्स बनाने का खर्चा तथा प्रॉफिट  

ग्राउंड तैयार करने का खर्चा अलग-अलग होता है जो निर्भर करता है उसके साइज पर। इसमें तीन प्रकार के साइज होते हैं: किंग साइज, स्मॉल तथा मीडियम साइज। हमने खास आपके लिए तैयार किया है टर्फ बॉक्स क्रिकेट कॉस्ट (Box cricket cost) डिटेल रिपोर्ट उसे जरूर पढ़ें।

बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड साइज (Box cricket ground size)

  1. किंग साइज: 7000 स्क्वायर फीट से लेकर 10000 स्क्वायर फीट।  
  2. मीडियम साइज: 5000 से 7,000 स्क्वायर फीट। 
  3. स्मॉल साइज: 2000 से 3000 स्क्वायर फीट। 

खर्चा

किंग साइज: ₹10 लाख से ₹15 लाख खर्चा आ सकता है। 

छोटा ग्राउंड: ₹3 लाख से ₹5 लाख तक खर्चा आ सकता है। 

फीस

बॉक्स क्रिकेट ओनर यानी आप 8 से 12 लोगों से 1 घंटे का ₹800 से ₹1400 तक चार्ज कर सकते हैं निर्भर करता है कि आप 1 घंटे में उन्हें खेल के अलावा क्या सुविधा दे रहे हैं तथा लोकेशन और शहर कौन सा है।

स्टूडेंट से 800 से ₹1000 के बीच चार्ज कर सकते हैं जबकि कॉर्पोरेट से1000 से ₹1400 के बीच चार्ज कर सकते हैं।

अनुमानित कॉस्ट तथा प्रॉफिट 

कॉस्ट 

मान लीजिए अपने सबसे छोटा क्रिकेट बॉक्स तैयार किया जिसका खर्चा लगभग 5 लाख रुपए आया, जिसके अंतर्गत: नेट, टर्फ, खंबे, फ्लड लाइट, क्रिकेट पिच तैयार करना तथा बॉक्स क्रिकेट का संपूर्ण स्ट्रक्चर तैयार किया गया। 

छोटा क्रिकेट बॉक्स कॉस्ट: लगभग 5 लाख रुपए

प्रॉफिट 

मान लीजिए आप एक अच्छी लोकेशन पर क्रिकेट बॉक्स सेटअप लगाने में कामयाब रहे जहां आपको प्रतिदिन 3 बुकिंग हजार रुपए प्रति घंटा के रेट पर आसानी से मिल जा रही है।

1 दिन का मुनाफा: 3 बुकिंग x ₹1000 = ₹3000

30 दिनों का मुनाफा: 30 बुकिंग x ₹1000 = ₹90,000

6 महीने का मुनाफा: 6 माह x ₹ 90,000 = ₹540,000

नेट प्रॉफिट 

टोटल कॉस्ट – प्रॉफिट:  ₹5 लाख – ₹540,000 = ₹40,000

नेट प्रॉफिट = ₹40,000

इस तरह मात्र 3 बुकिंग प्रतिदिनआने पर आप 6 महीने में लागत निकाल देते हैं और उसके बाद आपका मुनाफा शुरू होता है।

एक क्रिकेट बॉक्स के अंदर दो पिच लगाने पर मुनाफे को डबल किया जा सकता है किंतु ग्राउंड का साइज ठीक-ठाक होना चाहिए, लोकेशन प्रीमियम होनी चाहिए, आपका कस्टमर बेस तगड़ा होना चाहिए और स्लॉट हमेशा बुक होने चाहिए। 

हालांकि जितना आसान कैलकुलेशन में दिख रहा है उतना आसान है नहीं। मुश्किल होगा अगर आपने लोकेशन का चुनाव सही नहीं किया, अगर आपके बॉक्स क्रिकेट के रिव्यूज लोगों पर गलत प्रभाव छोड़ रहे हैं। 

बॉक्स क्रिकेट को सफल बनाने के लिए क्या करें

अपने बिजनेस को सफल बनाने के लिए आपको कुछ नया करना पड़ेगा, बाकियों से अलग करना पड़ेगा। या जो सफल बिजनेस कर रहा है उन्हें एनालाइज कर उनके जैसा कुछ करना होगा। 

लोग न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी बॉक्स क्रिकेट बिजनेस कर रहे हैं। जबकि भारत में इसकी सबसे बड़ी अपॉर्चुनिटी है क्योंकि लगभग पूरा भारत ही क्रिकेट के रंग की चादर में रंगा हुआ नजर आता है।

कुछ बॉक्स क्रिकेट बिजनेस अपने सेटअप में रिफ्रेश कैफे की फैसिलिटी भी देते हैं इसमें खिलाड़ियों के लिए रिफ्रेशमेंट, ठंडा पानी तथा स्नैक्स व खाने पीने की व्यवस्था होती है ताकि भूख-प्यास लगने पर कोई खिलाड़ी खा-पी सके।

फर्स्ट एड बॉक्स: खेल नियमों के मापदंडों के अनुसार तथा एक बिजनेस को सफल बनाने के लिए भी फर्स्ट एड का होना बेहद जरूरी है इसे हल्के में ना लें। 

तुरंत उपचार सुविधा: आसपास के छोटे बड़े अस्पताल या क्लीनिक से संपर्क बनाएं और वहां तक खिलाड़ी को छोड़ने की व्यवस्था जरूर करें ताकि समय पर उपचार किया जा सके। कई बार खिलाड़ी की उंगली फ्रैक्चर हो जाती है, आप उसका उपचार फर्स्ट एड किट से नहीं कर पाएंगे उसके लिए आपको तुरंत फ्रैक्चर ट्रीटमेंट करने वाले डॉक्टर के पास ले जाना होगा।   

बॉक्स क्रिकेट जमीन किराए पर कहां से ले कैसे लें सस्ते में 

बिजनेस तो बहुत से लोग करना चाहते हैं किंतु सबसे बड़ी समस्या आती है जमीन की क्योंकि सबके पास जमीन उपलब्ध नहीं होती और बड़े शहरों में  जमीन किराए पर लेना बहुत मुश्किल है।  

सरकार द्वारा जमीन किराए पर लेने संबंधित ज्यादातर स्कीमें किसानों के लिए हैं इसके तहत कई सारे लोग रोड के किनारे नर्सरी भी लगा रहे हैं।

बॉक्स क्रिकेट जमीन किराए पर लेने हेतु दो विकल्प नजर आते हैं

जिला क्रिकेट ऑफिस: अपना एरिया के जिला क्रिकेट ऑफिस जाए और पता करें कि क्रिकेट अकादमी खोलने हेतु कोई स्कीम आपके शहर के लिए उपलब्ध है या नहीं। 

किसानों से संपर्क करें: भारत कृषि प्रधान देश है जहां पर लगभग 67% लोग आज भी कृषि पर निर्भर हैं किंतु अधिकतर लोगों की कुछ जमीन खाली रहती है। आपको अपने शहर के किसानों से मिलना होगा उनके साथ टाई अप करना होगा और जमीन को 1 साल के लिए किराए पर लेना होगा।

उनके पास से काफी सस्ते रेट में एक बीघा से लेकर एक एकड़ तक जमीन साल भर के लिए मिल जाती है और अपना सेटअप बॉक्स लगाकर कुछ ही समय में आप मुनाफे तक पहुंच सकते हैं।

किंतु ध्यान रहे जमीन ऐसी जगह पर किराए पर लें जहां पर स्टूडेंट, युवा तथा कारपोरेट पहुंच सकें और आप उस जगह की मार्केटिंग कर सको। 

निष्कर्ष: कंपटीशन धीरे-धीरे बढ़ रहा है पर अगर आप एक अच्छी लोकेशन पर जरूरी मूलभूत सुविधाओं के साथ सेटअप लगाने में कामयाब हुए तो आप उन शुरुआती लोगों में होंगे जिन्होंने इस बिजनेस से अच्छा पैसा बनाया। 


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