18 साल के बाद क्रिकेटर कैसे बनें जानिए | how to become cricketer after 18 years

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क्रिकेट को भारत में धर्म समझा जाता है और कई युवा रोज़ क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं जिनमे से कुछ के सपने ही पूरे हो पाते हैं और ज़्यादातर के सपने टूट जाते हैं। यदि आप भी बारहवीं कक्षा पास करने की दहलीज़ पर हैं और क्रिकेट का पैशन रखते हैं तो आप भी सोचते होंगे की हाउ टू बिकम क्रिकेटर आफ्टर 12th और 10th आपको भी एक ही सवाल परेशां करता होगा की 18 साल के बाद क्रिकेटर कैसे बनें। आज हम आपको बताएंगे की क्रिकेटर बनने में कितना टाइम लगता है और क्रिकेटर बनने में कितना पैसा लगेगा।

क्रिकेटर बनने का तरीका

क्रिकेटर बनने का तरीका ज़्यादा मुश्किल तो नहीं है पर फिर भी अधिकांश लोग फेल हो जाते हैं। उसके पीछे वजह यह है की वे सपना तो देख लेते हैं पर उतनी मेहनत नहीं कर पाते हैं। इसकी दूसरी वजह यह है की कुछ लोग अच्छी मेहनत तो करते हैं पर ट्रायल नहीं देते या सिर्फ 1-2 ट्रायल देकर हार मान लेते हैं। फेल होने की तीसरी वजह यह है की कुछ लोगों को पता ही नहीं होता है की क्रिकेट ट्रायल कब और कहाँ दें। चौथी वजह यह है की लोग सोचते हैं क्रिकेटर बनने में ज़्यादा पैसा लगता है पर ये मात्र एक ग़लतफ़हमी है अगर कोई चीज़ ज़्यादा लगती है तो वो है आपकी मेहनत, डेडिकेशन, कमिटमेंट और सबसे ऊपर प्लानिंग क्योंकि पूरा साल प्लान करके नहीं चलोगे तो एफर्ट सही दिशा में नहीं लगाए जा सकते हैं। जैसे आपके क्लास के टोपर इसलिए टॉप करते हैं क्योंकि वे पूरा साल प्लानिंग से मेहनत करते हैं और इसी को कहते हैं स्मार्ट वर्क यानि मेहनत तो करनी ही पड़ेगी पर जो जितना स्मार्ट तरीके से मेहनत करेगा वो उतना आगे जाएगा। स्मार्ट मेहनत का ये मतलब बिलकुल नहीं है की अपने 8 घंटे का काम 4 घंटे में कर लिया और बाकी चार घंटे आराम या घूमने में वेस्ट कर दिए बल्कि 8 घंटे की लर्निंग को 6 घंटे में कम्पलीट कर बाकि 2 घंटे में कुछ नया सीखने को ही स्मार्ट वर्क कहते हैं।

जहाँ तक सवाल है क्रिकेटर बनने का तो इस पोस्ट में आपके सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे और फिर भी कोई सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में बेहिचक पूछ लें। जवाब देने में कुछ देर लग सकती है पर आपको जवाब ज़रूर मिलेगा।

क्रिकेटर बनने में कितना पैसा लगेगा

क्रिकेट क्लब फीस – और जहाँ तक सवाल पैसे का है तो यदि आप कहीं कोचिंग करते हैं तो आपको वहां की फीस देनी होगी और आमतौर पर क्रिकेट कोचिंग फीस रूपए 2000 से शुरू होती है और 6,8,10 हज़ार भी हो सकती है यह निर्भर करता है आप किस शहर में रहते हो और किस कोचिंग में जा रहे हो। और यदि आप कोई कोचिंग नहीं करते हो तो भी आपका पैसा प्रैक्टिस किट पर लगेगा और एक कम्पलीट क्रिकेट किट 5 हज़ार रूपए से लेकर 10, 12, 15 हज़ार और उससे ऊपर भी आती है। डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट का खर्च – इसके आलावा डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट खेलते वक्त भी आपको अपना पैसा खर्च करना पड़ेगा क्योंकि वहां कोई सैलरी नहीं मिलती है पर मैचेस के दौरान रहने और खाने का इंतेज़ाम डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के द्वारा होता है यानि की आपके लिए फ्री होता है। स्टेट क्रिकेट का खर्च – पर जैसे ही आप स्टेट क्रिकेट तक पहुँच जाओगे तो आपको टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने पर अच्छा पैसा मिलता है पर अभी भी अपना खर्च आपको ही उठाना होगा। घरेलु क्रिकेट का खर्च – और डोमेस्टिक क्रिकेट में तो दिन के हिसाब से सैलरी मिलती है वो भी किसी अच्छे खासे जॉब करने वाले से कहीं ज़्यादा। स्टेट और डोमेस्टिक क्रिकेट में कितनी सैलरी मिलती है इसकी जानकारी के लिए ये पोस्ट पढ़ें रणजी ट्रॉफी कैसे खेलें। रणजी ट्रॉफी प्लेयर्स को तो एक समय के बाद बी सी सी आई द्वारा पेंशन भी मिलती hai.

क्रिकेटर बनने में कितना समय लगता है

क्रिकेटर बनने में कुछ लोगों को सालों लग जाते हैं और कुछ को मात्र 1 साल में भी सफलता मिल जाती है यह आपके टैलेंट और सही जगह पर क्रिकेट खेलने पर निर्भर करता है। यदि आप अपने घर के पास ही खेलते रहे तो आपको काफी समय लगेगा इसलिए कोशिश करें की कोई क्रिकेट क्लब ज्वाइन कर लें और 6-8 घंटे जम कर मेहनत करें। यदि आप क्लब नहीं ज्वाइन कर सकते तो दोस्तों के साथ प्रैक्टिस करें पर ध्यान रहे की प्रैक्टिस जल्द ही लैदर बॉल और कम्पलीट किट के साथ शुरू कर दें।

डिस्ट्रिक्ट लेवल क्रिकेट – क्रिकेटर बनने के लिए आपको सबसे पहले डिस्टिक लेवल क्रिकेट खेलना होगा वहां आपको तकरीबन 1 साल तो कम से कम देना होगा क्योंकि उस एक साल में आपको काफी मैच खेलने का मौका मिलेगा और यदि अपने निरंतर पूरे साल अपना बेस्ट परफॉरमेंस दिया तो अगले ही साल आपका सिलेक्शन स्टेट लेवल में बिना किसी खास ट्रायल के हो जाएगा। हालाँकि ट्रायल तो देना पड़ेगा पर वो फॉर्मेलिटी होगा, यदि आप डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट में पूरे साल मिलाजुला ही प्रदर्शन कर पाए तो भी स्टेट लेवल के ट्रायल ज़रूर den.

स्टेट लेवल क्रिकेट – हालाँकि डिस्टिक्ट लेवल क्रिकेट करियर की पहली सीढ़ी मानी जाती है किन्तु आपकी असली परीक्षा स्टेट लेवल क्रिकेट में होगी क्योंकि यहाँ कम्पटीशन आसमान छू रहा होगा और आपको काफी टफ फाइट करनी होगी। स्टेट लेवल में खिलियड्यों को सालों साल अच्छा खेलना पड़ता है तब जाके आगे रणजी, जोन या किसी और ट्रॉफी के लिए मौका मिलता है। पर आपके पास हमेशा एक मौका रहता है इसलिए स्टेट लेवल में अपनी पूरी ताकत लगा दें क्योंकि यहाँ से अगर आप रणजी ट्रॉफी, जोन या रेलवेज के लिए सेलेक्ट हो गए तो फिर आपको कई अच्छे मौके मिलते हैं जिससे आप सीधे इंडियन टीम या आईपीएल में खेल सकते हैं।

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18 साल की उम्र में क्रिकेटर कैसे बने स्टेप बाई स्टेप

दोस्तों चाहे आप 18 साल के हों या 35 साल के क्रिकेटर बनने के रास्ते एक ही हैं पर इतना ज़रूर है की 18 साल में आपके पास मौका ज़्यादा होता है। आपको स्टेप बाई स्टेप इन सीढ़ियों को पूरा करना होगा सबसे पहले डिस्ट्रिक्ट लेवल क्रिकेट खेलना होगा फिर स्टेट लेवल क्रिकेट खेलना होगा फिर रणजी ट्रॉफी, जोन क्रिकेट या अन्य घरेलु क्रिकेट खेलना होगा ये 3 सीढ़ियां अगर आपने पार कर ली तो यकीनन आप क्रिकेटर बन सकते हैं। पर एक बात जान लें की सीढ़ियां सिर्फ तीन हैं पर इन्हे पार करने के लिए प्रॉपर प्लानिंग की ज़रूरत होती है। इन तीनो क्रिकेट फॉर्मेट को थोड़ा विस्तार से समझते हैं

डिस्ट्रिक्ट लेवल क्रिकेट कैसे खेलें

क्रिकेटर बनने के लिए सबसे पहली सीढ़ी है डिस्ट्रिक्ट लेवल क्रिकेट कैसे खेलें। यह बिलकुल गलत बात है की डिस्ट्रिक्ट लेवल खलेने या क्रिकेट ट्रायल देने के लिए आपको क्लब ज्वाइन करना ही पड़ेगा। क्लब में आपकी प्रैक्टिस होती है ना की वे आपका कहीं सिलेक्शन करवा सकते हैं पर इतना ज़रूर है की अच्छे क्लब के मैचेस उस राज्य के स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के द्वारा कराए जाते हैं अतः क्लब में अच्छा प्रदर्शन करने पर आपका डिस्ट्रिक्ट लेवल पर भी आसानी से सिलेक्शन हो सकता है। डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट खेलने के लिए आपको करना सिर्फ इतना है की हर साल डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट ट्रायल के फॉर्म आते हैं और ये फॉर्म आपके शहर या राज्य के हिसाब से अलग अलग डेट पर आते हैं। उत्तराखंड में अगस्त 2021 में सभी कैटेगरी के ट्रायल हो चुके हैं तो किसी शहर में किसी और मंथ में होते हैं। क्रिकेट ट्रायल्स की सही जानकरी के लिए आपको इन सूत्रों से संपर्क करना चाहिए। 1 – डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन से रेगुलर संपर्क में रहें वे आपको लम सम डेट दे देंगे।2 – अपने स्कूल के क्रिकेट कोच या स्पोर्ट्स टीचर से रिक्वेस्ट करें तो वे सही डेट आने पर आपको जानकारी दे सकते हैं। 3 – क्रिकेट क्लब से जानकारी लें एक अच्छा डी डी सी ऐ एप्रूव्ड क्लब आपको ट्रायल की सटीक जानकारी दे सकता है।4 – दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे अख़बारों में डिस्ट्रिक्ट और स्टेट लेवल ट्रायल्स की न्यूज़ आती है पर सिर्फ 3-6 दिन पहले ही न्यूज़ आती है।

स्टेट लेवल क्रिकेट कैसे खेलें

डिस्ट्रिक्ट लेवल के बाद आपको स्टेट लेवल क्रिकेट खेलना होगा। स्टेट लेवल ट्रायल्स में हिस्सा लेने के लिए आपको डिस्ट्रिक्ट लेवल खेलना होगा और आप तभी अपने स्टेट के ट्रायल्स में भाग ले सकते हैं।

डोमेस्टिक क्रिकेट कैसे खेलें

स्टेट लेवल पे अच्छा प्रदर्शन कर आप घरेलु क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में डायरेक्ट अपनी जगह बना सकते हैं। स्टेट लेवल खिलाडियों को डोमेस्टिक क्रिकेट ट्रायल देने का मौका मिलता है। डोमेस्टिक क्रिकेट में सबसे महत्वपूर्ण है रणजी ट्रॉफी और यदि आप एक बार रणजी ट्रॉफी तक पहुंच गए तो अपने प्रदर्शन के दम पर सेलेक्टर्स का ध्यान अपनी ओर खींच सकते हैं। घरेलु क्रिकेट ही इंडियन क्रिकेट टीम तक पहुँचने का सबसे नज़दीकी रास्ता है। हालाँकि कम्पटीशन यहाँ सबसे ज़्यादा होता है पर यहाँ मौके भी सबसे ज़्यादा ओर प्रबल मिलते हैं क्योंकि सेलेक्टर्स पूरे साल भर घरेलु क्रिकेट पर नज़र रखते हैं ओर अच्छा टैलंट दिखने पर उन्हें मौका भी देते हैं।

अंडर 19 क्रिकेट कैसे खेलें

स्टेट लेवल खेलते वक्त ही आपको रणजी ट्रॉफी, जोन क्रिकेट अंडर 19 क्रिकेट के लिए भी चुना जा सकता है पर इसके ज़्यादा चांस स्टेट लेवल के आगे वाले लेवल पर बनते हैं। इसलिए यदि आप भारत की अंडर 19 टीम या अपने में पहुंचना चाहते हैं तो आपको जल्द ही डोमेस्टिक क्रिकेट तक पहुंचना होगा। यदि डोमेस्टिक क्रिकेट में आपकी उम्र 19 से कम है तो भी आपको इंडिया अंडर 19 टीम या इंडिया ऐ टीम के लिए भी चुना जा सकता है।

उम्मीद करते हैं यह जानकारी आपके काम आ पाएगी और आप भी ज़्यादा समय न बर्बाद करते हुए तुरंत अपना अगला साल प्लान कर लें जिसमें आप लोगों को पढाई, जॉब, फाइनेंस सब मैनेज करना होगा क्योंकि पैशन के लिए इतना तो करना ही पड़ेगा वरना पैशन महज़ एक सपना बन सकता है। इसलिए हिम्मत हरने के बजाए पूरा साल प्लान कर लो और ट्रायल ज़रूर देना क्योंकि जिनके सपने चूर हुए हैं उनमे से 80 % लोगों ने ट्रायल ही नहीं दिए हैं। इसके पीछे वजह फॅमिली प्रॉब्लम, फाइनेंस या ट्रायल की जानकारी का ना होना है और सबसे बड़ा रेश्यो उन लोगों का है जिन्हे ट्रायल की जानकारी ही नहीं होती है।

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5 thoughts on “18 साल के बाद क्रिकेटर कैसे बनें जानिए | how to become cricketer after 18 years”

  1. डिसिटृक्ट,लेवल,२०२१.मे,कब,चलो,होगा,में,१८, वर्ष,का,हो, गया,हो,में,cricket, खेल,सकता,हो

    1. सौरभ आप बिलकुल क्रिकेट खेल सकते हो इस वर्ष डिस्ट्रिक्ट लेवल क्रिकेट टूर्नामेंट लगभग सभी राज्यों में हो चुके हैं आप अपने डिस्ट्रिक्ट के डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन से संपर्क कर सकते हैं और अगले वर्ष 2022 में डिस्ट्रिक्ट टूर्नामेंट में भाग ले सकते हैं। समय वेस्ट न करें प्रैक्टिस करें तथा अगले वर्ष ट्रायल डेट्स की जानकारी के लिए हमारे टेलीग्राम ग्रुप से भी जुड़ सकते हैं।

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