राहुल द्रविड़ का जीवन परिचय | Rahul dravid biography in hindi

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राहुल द्रविड़ की जीवनी अपने आप में प्रेरणा का स्रोत है, राहुल द्रविड़ का जीवन परिचय एक मिसाल है और हमेशा युवाओं को प्रेरित करता आया है। उन्होंने अपने जीवन का एक बेहद लम्बा समय भारतीय क्रिकेट को संवारने और बनाने में लगाया है और अब भी वे भारतीय क्रिकेट की सेवा करते नज़र आ रहे हैं। t20 वर्ल्ड कप के दौरान ही राहुल द्रविड़ कोच बन गए हैं टीम इंडिया के।

राहुल द्रविड़ एक दीवार (Rahul dravid the wall)

राहुल द्रविड़ को द वाल ऐसे ही नहीं कहा जाता वे एक ऐसे खिलाडी थे जो एक बार क्रीज़ में टिक गए तो वापस आने का नाम ही नहीं लेते थे। कुछ वर्ष पहले राहुल द्रविड़ एक खिलाडी की भूमिका में क्रिकेट की सेवा कर रहे थे और आज भी वे क्रिकेट की सेवा में लगे हैं महज़ उनकी भूमिका बदल गई है। अब वे खिलाडी से आगे बढ़ कर एक कोच की भूमिका में आ चुके हैं, कोच खिलाडी से हमेशा दो कदम आगे होता है क्योंकि कोच ही खिलाडी को एक असल खिलाडी बनाता है।

राहुल द्रविड़ कोच इंडिया – इस समय टी 20 विश्व कप 2021 चल रहा है और भारत अपनी कोशिश में लगा है की किसी तरह सेमीफिनॉल्स में जगह मिल जाए इसी बीच बी सी सी आई ने अपने ट्विटर हैंडल अनाउंस किया की राहुल द्रविड़ बन गए हैं टीम इंडिया के नए कोच।

राहुल द्राविड़ का शुरवाती जीवन (Rahul dravid early life)

राहुल द्राविड़ का पूरा नाम राहुल शरद द्रविड़ है। राहुल द्रविड़ का जन्म स्थान मध्यप्रदेश का इंदौर शहर है, जहाँ राहुल का जन्म 11 जनवरी 1973 को हुआ था। जन्म के कुछ समय पश्चात् राहुल द्रविड़ फॅमिली के साथ बंगलौर शिफ्ट हो गए और बंगलोरे से ही राहुल द्रविड़ ने अपनी शिक्षा शुरू की। राहुल द्रविड़ को बहुत जल्द ही यह पता चल गया था की उन्हें जीवन में आगे क्रिकेट ही खेलना है और महज़ बारह वर्ष की उम्र से ही उन्होंने अपना हुनर दिखाना शुरू कर दिया था।

राहुल ने महज़ 12 वर्ष में ही अपनी रुचि को समझ लिया था और अपने टैलंट पर भरोसा करते हुए क्रिकेट की और अग्रसर होते चले गए और डोमेस्टिक क्रिकेट कैसे खेलें पर रिसर्च करने लगे। राहुल को महज़ 12 – 13 वर्ष की आयु में अक्सर यह सवाल परेशां करता था की “हाउ टू ज्वाइन डोमेस्टिक क्रिकेट” यदि आप को भी डोमेस्टिक क्रिकेट सिलेक्शन का सवाल परेशां करता है तो दिए गए लिंक को क्लिक करें और डोमेस्टिक क्रिकेट ट्रायल्स देने का सही तरीके की इनफार्मेशन आपके सामने खुल जाएगी। बहरहाल, अपने दृढ़ संकल्प और क्रिकेट पैशन की वजह से जल्द ही राहुल ने घरेलु क्रिकेट प्रतियोगिता में खेलना शुरू कर दिया और अंडर 15, अंडर 17 तथा अंडर 19 डोमेस्टिक क्रिकेट कर्नाटक राज्य से खेला।

Rahul dravid family members

राहुल द्रविड़ फादर नेम – राहुल द्रविड़ का जन्म एक मराठी परिवार में हुआ था। राहुल द्रविड़ के पिता जी का नाम शरद द्रविड़ था और वे एक जाम और अचार बनाने वाली कंपनी में काम करते थे इसी वजह से राहुल को प्यार से जैमी भी बुलाया जाता था। आपने ज़रूर राहुल द्रविड़ का जैम वाला ऐड देखा होगा जिस ऐड में भी उन्हें जैमी के नाम से बुलाया गया था।

राहुल द्रविड़ मदर्स नेम – राहुल द्रविड़ की माता जी का नाम पुष्पा द्रविड़ है जो बंगलौर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफसर के पद पर कार्यरत थीं

राहुल द्रविड़ की वाइफ – राहुल द्रविड़ की पत्नी का नाम विजेता पेंढारकर है, विजेता नागपुर के सुरगांव से बिलोंग करती हैं। राहुल द्रविड़ की शादी विजेता के साथ 4 मई 2003 को हुई थी।

राहुल द्रविड़ सन नेम – राहुल द्रविड़ के दो बेटे हैं जिनके नाम समित और अन्वय हैं।

राहुल द्रविड़ का क्रिकेट करियर (Rahul dravid carrier)

राहुल द्रविड़ का क्रिकेट करियर – 1996 में राहुल द्रविड़ को पहली बार भारत के लिए अंतरष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका मिला। यह एक दिवसीय मैच श्रीलंका के विरुद्ध सिंगापूर में था और यह मैच 1996 के विश्वकप के बाद खेला गया था। राहुल द्रविड़ को विनोद कांबली की जगह पर मौका मिला था परन्तु अपने पहले मैच में ही राहुल महज़ 3 रन पर मुरली के गेंद में आउट होकर पवेलियन लौट गए थे। राहुल को अपने अंतराष्ट्रीय करियर के शुरुआत में कुछ खास सफलता नहीं मिल पायी थी वे अपने दूसरे एक दिवसीय मैच में पाकिस्तान के खिलाफ भी महज़ 4 रन पर आउट हो गए थे। शुरुआती सीरीज़ में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भी इन्हे पिछले 5 वर्ष के बेहतरीन घरेलु प्रदर्शन के आधार पर एक मौका और दिए गया और इंग्लैंड के खिलाफ प्रतियोगिता में इनका चयन हो गया।

राहुल द्रविड़ का टेस्ट करियर – राहुल का चयन टेस्ट टीम में तो हो गया था किन्तु अभी उनका नाम प्लेइंग एलेवेन में आना बाकी था। पर अचानक हुआ कुछ यूँ की दुसरे टेस्ट मैच से ठीक 10 पहले राहुल को बताया गया की वे आज इंडिया के लिए टेस्ट मैच खेल रहे हैं, दरअसल उन दिनों संजय मांजरेकर जो की भारत की बल्लेबाज़ी की रीढ़ की हड्डी हुआ करते थे, अपने टखने की चोट से परेशां थे और उनका ट्रीटमेंट भी चल रहा था। संजय दुसरे टेस्ट के ठीक पहले मेडिकल टेस्ट में बहार हो गए और उस समय के कोच संदीप पाटिल ने राहुल द्रविड़ को मैच से 10 मिंट पहले यह सूचना दी की वे आज इंडिया के लिए टेस्ट मैच खेलने की अपनी जर्नी शुरू करेंगे। यह टेस्ट श्रृंखला भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही थी और इस तरह से द्रविड़ को अपना पहला टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला।

निराश ना करते हुए द्रविड़ ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में इंग्लैंड के विरुद्ध शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 रन बनाए और सभी क्रिकेट प्रेमियों तथा क्रिकेट एक्सपर्ट्स का ध्यान अपनी और खींचा। राहुल को यह सोच कर टॉप 11 में जगह मिली थी की जब तक संजय फिट ना हों राहुल हैं, पर द्रविड़ ने आलम कुछ यूँ बदला की संजय के फिट होने के बाद और टीम में लौटने के बाद भी राहुल की टॉप 11 में जगह बन गई। इसलिए कहते हैं किस्मत बदलने के लिए महज़ एक मौका चाहिए होता है पर उस एक मौके को पाने के लिए लगातार कई दिनों, महीनो और वर्षों तक भी मेहनत करनी पड़ती है। एक बात तो तय है की कंसिस्टेंसी से ऊपर कुछ भी नहीं है इसलिए जो भी करें निरंतर करते रहें और एक दिन किस्मत बदलेगी और आपका भी सपना सच हो सकता है। बहरहाल, राहुल के टॉप 11 में आने की वजह से अजय जडेजा को बहार होना पड़ा था।

आपको बता दें की एक समय संजय मांजरेकर भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ थे और पूरी भारतीय बैटिंग लाइन अप मांजरेकर के इर्द गिर्द घूमती थी। ऐसी उन दिनों मीडिया में खबर थी की संजय मांजरेकर को पाकिस्तान अपनी पाकिस्तान क्रिकेट टीम में खिलाना चाहते थे और इसके लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मांजरेकर को 20 लाख रूपए देने की पेशकश भी की थी जिसे मांजरेकर ने ठुकरा दिया था और कहा था की वे केवल भारत के लिए खेलना चाहते हैं। उन दिनों 20 लाख करोड़ों से भी ज़्यादा होते थे। यह उन दिनों काफी लोकप्रिय मुद्दा था, हालांकि हम इस बात की कोई पुष्टि नहीं करते।

राहुल द्रविड़ के बारे में जानकारी (Rahul dravid information)

राहुल द्रविड़ ने 164 टेस्ट खेलकर कुल 266 परियों में 13228 रन बनाए और उनका औसत 52.70 का रहा। राहुल द्रविड़ ने टेस्ट मैच में 36 शतक और 63 अर्धशतक बनाए। वहीँ राहुल ने कुल 344 एक दिवसीय मैच खेले जिसमें इन्होने 318 परियां खेली और टोटल 10889 रन बनाए। सुनने में अजीब लगता है पर राहुल ने अपने 1996 से लेकर 2011 तक के लम्बे करियर में केवल 12 एक दिवसीय शतक लगाए हैं पर साथ ही 83 अर्धशतक भी लगाए हैं। राहुल को मात्र एक t20 मैच खेलने का मौका मिला और उन्होंने 35 रन बनाए। राहुल ने आईपीएल मैच भी खेले हैं उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए कई मैच खेले और कप्तानी भी की बाद में वे राजस्थान के कोच की भूमिका में भी नज़र आए। राहुल द्रविड़ ने 89 आईपीएल खेले हैं और 11 अर्धशतक बनाए, 2174 रन बनाए।

राहुल द्रविड़ अवार्ड्स (Rahul dravid awards)

राहुल द्रविड़ अर्जुन अवार्ड1998 में राहुल द्रविड़ को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
राहुल द्रविड़ विस्डन क्रिकेट ऑफ़ द ईयर सन 2000
राहुल द्रविड़ टेस्ट प्लेयर ऑफ़ थे ईयर सन 2004
राहुल द्रविड़ पदम् श्री सन 2004
राहुल द्रविड़ पदम् भूषण सन 2013

Rahul dravid coach salary

भारतीय क्रिकेट इतिहास में इतनी सैलरी किसी कोच को अब तक नहीं मिली जितनी राहुल द्रविड़ को कोच बनने के बाद मिलने वाली है। खबर के अनुसार कोच राहुल द्रविड़ की सैलरी लगभग 10 करोड़ होगी।

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