क्रिकेटर बनने की लास्ट ऐज जानिए

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क्रिकेट एक लोकप्रिय खेल है और कई युवा यह जानना चाहता है की क्रिकेटर बनने की लास्ट ऐज क्या होती है? ऐसे युवा हर रोज क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं।

वे क्रिकेटर बनने का तरीका ढूंढते हैं, जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि क्रिकेटर कैसे बने तथा क्रिकेटर बनने के लिए क्या करना होता है! इसी कड़ी में एक बड़ा प्रश्न यह है कि क्रिकेट खेलने की उम्र क्या है? किस उम्र से हम क्रिकेट खेलना शुरू कर सकते हैं? आज आपके इन्हीं प्रश्नों के उत्तर आपको क्रिकेट के इस आर्टिकल में मिलेंगे।

क्रिकेटर बनने की लास्ट ऐज जानिए

क्रिकेटर बनने की उम्र से संबंधित सवाल कई लोगों को परेशान करते हैं, अक्सर हम सोचते हैं कि आखिर किस उम्र तक वे क्रिकेट ट्रायल दे सकते हैं। अक्सर युवा खुद से यह प्रश्न करते हैं की क्रिकेट में भर्ती कैसे होते हैं  तथा उन्हें किस उम्र से क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन कर लेनी चाहिए? हम आपको बता दें की 6 से 7 वर्ष की उम्र से यदि बच्चा क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन कर लेता है या फिर क्रिकेट प्रैक्टिस शुरू कर देता है तो अधिक चांस होते हैं कि 7 वर्ष बाद यानी 14 से 15 वर्ष में वह किसी क्रिकेट प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर सके। 

जहां तक क्रिकेटर बनने की लास्ट ऐज का सवाल है तो अच्छी खबर यह है कि बीसीसीआई ने अभी तक ऐसा कोई क्रिकेट नियम नहीं बनाया है जिसमें कोई ऐज लिमिट रखी गई हो। कहने का मतलब साफ है यदि आप की उम्र 20-25 वर्ष हो चुकी है तो भी आप क्रिकेट ट्रायल दे सकते हैं और यदि आप की उम्र 40 वर्ष भी हो चुकी है तो भी आप क्रिकेट ट्रायल देने के लिए एलिजिबल है इसका ताजा एग्जांपल प्रवीण तांबे है जिन्होंने 40+ वर्ष की उम्र में आईपीएल में डेब्यू किया और सबको हैरान कर दिया। अपने डेब्यू आईपीएल में प्रवीण तांबे ने पर्पल कैप हासिल की। यह आर्टिकल आपको पसंद आ रहा है तो पढ़ना जारी रखें।

हाल ही में प्रवीण तांबे पर एक बायोपिक रिलीज होने जा रही है जिसमें श्रेयस तलपडे ने प्रवीण तांबे का किरदार निभाया है और इस फिल्म में प्रवीण तांबे की उम्र के इर्द-गिर्द कहानी बताई गई है एक क्रिकेटर होने के नाते आपको यह फिल्म और प्रवीण तांबे का संघर्ष जरूर देखना चाहिए। महेंद्र सिंह धोनी पर भी फिल्म बन चुकी है और हजारों लाखों का सपना है महेंद्र सिंह धोनी की तरह क्रिकेट खेलना तथा नए कीर्तिमान रचना है। किंतु हकीकत और एक बड़ा सच यह है हजारों लाखों युवा सपना तो धोनी बनने का देखते हैं पर उनकी जिंदगी में प्रवीण तांबे जैसा स्ट्रगल होता है।

क्रिकेट में सिलेक्शन कैसे होता है

क्रिकेट में करियर कैसे बनाएं यह एक बड़ा सवाल है जो हर वर्ग के हर रोज इंसान को परेशान करता है जो क्रिकेट का सपना देखता है, क्रिकेटर बनने का सपना देखता है। आज इस आर्टिकल के द्वारा कम से कम आपकी इस परेशानी का हल जरूर निकल आएगा कि क्रिकेटर बनने के लिए क्या करें।  हम आपको कुछ  स्टेप्स बताने जा रहे हैं  जिन्हें फॉलो करके आप अपना क्रिकेटर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। 

  • डोमेस्टिक क्रिकेट खेलें
  • आगामी नतीजों के लिए प्रैक्टिस करें
  • डीडीसी अप्रूव्ड क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन करें
  • क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन ना करने की स्थिति में निराश ना हो खुद ही प्रैक्टिस करें
  • डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट ट्रायल मिस ना करें

यहां सारे बिंदु नीचे समझाएं गए हैं अतः उन्हें ध्यान से पढ़े

डोमेस्टिक क्रिकेट कैसे खेले

जब हम डोमेस्टिक क्रिकेट या घरेलू क्रिकेट की बात करते हैं  तो अक्सर सबसे पहले कई लोगों के दिमाग में रणजी ट्रॉफी का ख्याल आता है। रणजी ट्रॉफी का ख्याल आना गलत नहीं है किंतु खयाल स्टेप बाय स्टेप टू बेहतर होगा। रणजी ट्रॉफी डोमेस्टिक क्रिकेट का एक उच्चस्तरीय टूर्नामेंट होता है उस तक पहुंचना भी कई खिलाड़ियों का सपना होता है और रणजी खेलने के लिए आपको क्रिकेट की पहली सीढ़ी से होकर गुजरना पड़ता है। क्रिकेट की पहली सीढ़ी डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट को माना जाता है उसके बाद स्टेट क्रिकेट का नंबर आता है और अंत में रणजी क्रिकेट का नंबर आता है। 

अंडर-16 क्रिकेटअंडर-19 क्रिकेटअंडर-23 क्रिकेट 
विजय मर्चेंट ट्रॉफीसी के नायडू, कूच बेहर ट्रॉफी, विनू मांकड ट्रॉफीकर्नल सी के नायडू ट्रॉफी

क्रिकेट प्रैक्टिस आने वाले समय के लिए करें

आपको अपने आप को क्रिकेट के लिए तैयार करना होगा इसके लिए जरूरी है कि लंबे समय को देखते हुए क्रिकेट प्रैक्टिस करें।  आपको अपना क्रिकेट शेड्यूल बनाना होगा जिससे आपकी पढ़ाई भी डिस्टर्ब ना हो और परिवार वाले आपको क्रिकेट खेलने की अनुमति भी दे दे। माता-पिता कभी किसी बच्चे का बुरा नहीं चाहते बस में चिंतित होते हैं कि उनका बच्चा पढ़ लिख कर भविष्य में एक अच्छी जॉब करें और अपना आगे का जीवन अच्छा गुजार सकें। उनकी भावनाओं की कदर करते हुए आपको थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी चाहिए वह भी स्मार्ट मेहनत। बेस्ट बैटिंग टिप्स जानने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें और यदि आप गेंदबाज हैं तो बॉलिंग स्पीड बढ़ाने के लिए दिए गए लिंक पर जाएं इसके अलावा आर्टिकल के अंत में सबसे नीचे रीड मोर ऑप्शन को जरूर देखें वहां आपको यॉर्कर बॉल डालने का सही तरीका मिल जाएगा।

डीडीसी अप्रूव्ड क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन करें

यदि आप क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन करना चाहते हैं तो कोशिश करे डीडीसी अप्रूव्ड  क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन करें यह क्रिकेट एकेडमी दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन से अप्रूव होती है यानी यहां उच्चस्तरीय मैच प्रैक्टिस आपको मिल सकती है।

क्रिकेट एकेडमी के बिना ही ट्रायल दे

यदि आप क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन करने में सक्षम नहीं है तो चिंता ना करें आप बिना क्रिकेट एकेडमी के खुद घर पर ही प्रैक्टिस करते हैं ट्रायल का हिस्सा बन सकते हैं। आप ओपन ट्रायल दे सकते हैं इसमें किसी क्रिकेट एकेडमी की आवश्यकता नहीं होती खिलाड़ी स्वयं जाकर डाल देता है। यदि आप इस क्रिकेट आर्टिकल को इंजॉय कर रहे हैं तो अंत तक पढ़ते रहे।

डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट ट्रायल मिस ना करें

एक बात अच्छी तरह समझ ले कि यदि आप क्रिकेट में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो किसी भी हाल में  डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट ट्रायल्स मिस ना करें। यह ट्रायल प्रतिवर्ष होते हैं और इनकी जानकारी आप दैनिक जागरण तथा अमर उजाला जैसे अखबारों से हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने जिले के डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन जाकर भी जानकारी  प्राप्त करने की कोशिश कर सकते हैं। अमूमन डिस्ट्रिक्ट ट्रायल्स फरवरी, मार्च औरअप्रैल महीने में हो जाते हैं। ट्रायल्स अलग-अलग समय पर हो सकते हैं अपने राज्य के डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन से संपर्क करने की कोशिश करें।

क्रिकेट खेलने की उम्र

पेरेंट्स या गार्जियंस को अपने बच्चों को 5 से 6 वर्ष की उम्र में क्रिकेट की कोचिंग करानी शुरू कर देनी चाहिए। यदि वे अकैडमी में नहीं भेजना चाहते हैं तो इस उम्र में घर की छत पर ही उन्हें प्रैक्टिस करवानी चाहिए। ज्यादातर क्रिकेट एकेडमी 6-7 वर्ष  के बच्चों को अपनी एकेडमी में सिलेक्ट करती है। जिस प्रकार  पढ़ाई और अन्य जरूरी चीजों से संबंधित स्कूल की एजुकेशन 12 साल बाद पूरी होती है उसी प्रकार क्रिकेट एजुकेशन हासिल करने में भी कम से कम 7 से 10 वर्ष लग जाते हैं। और वैसे भी खिलाड़ियों के पास समय कम होता है क्योंकि 23 वर्ष के बाद वे ओपन ऐज कैटेगरी में आ जाते हैं। 

क्रिकेट ट्रायल की उम्र 

क्रिकेट रूल्स के हिसाब से 14 वर्ष यानी अंडर फोर्टीन ट्रायल का पहला पायदान होता है उसके बाद अंडर 16 और अंडर 19 की बारी आती है तथा अंत में अंडर 23 क्रिकेट ट्रायल होते हैं। यदि आप 23  वर्ष से अधिक हो चुके हैं, घबराने की बात नहीं है आप ओपन ऐज इस कैटेगरी में ट्रायल दे सकते हैं। 

ओपन ऐज क्रिकेट ट्रायल

ओपन ऐज क्रिकेट ट्रायल वह कैटेगरी है जिसके अंतर्गत वह सभी लोग ट्रायल दे सकते हैं जिनकी उम्र 23 वर्ष से अधिक हो चुकी है, फिर भले ही उनकी उम्र 40-45 क्रॉस कर चुकी हो।

क्रिकेट प्रश्न उत्तर (एफ ए क्यू)

क्रिकेट ट्रायल कहां देते हैं?

क्रिकेट ट्रायल देने के लिए आपको डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा एक निश्चित मैदान पर बुलाया जाता है जहां आपको बल्लेबाजी या गेंदबाजी का मौका मिलता है।

डिस्टिक क्रिकेट ट्रायल कब होते हैं?

डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट ट्रायल हर राज्य में अलग समय पर हो सकते हैं किंतु ज्यादातर राज्यों में डिस्टिक लेवल क्रिकेट ट्रायल मार्च से अप्रैल तक पूरे हो जाते हैं।

डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट ट्रायल्स की जानकारी कहां मिलेगी?

डिस्ट्रिक्ट नवल क्रिकेट ट्रायल्स की जानकारी हर वर्ष दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे अखबारों में आती है। इन अखबारों में तकरीबन 7 से 12 दिन पहले ट्रायल की खबर छपती है। इसके अलावा आप अपने जिले के डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन जाकर क्रिकेट ट्रायल की लमसम जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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