क्रिकेट में 25 – 30 फील्डिंग पोजीशन हैं। महत्वपूर्ण क्रिकेट फील्डिंग पोजीशंस के नाम क्रम से जानें नजदीक वाले, मिडिल तथा दूर वाले क्रिकेट फील्डिंग पोजीशंस।
महत्वपूर्ण क्रिकेट फील्डिंग पोजीशंस यह होते हैं: स्लिप, गली, पॉइंट, कवर, एक्स्ट्रा कवर्स, मिड ऑफ़, मिड ऑन, मिड विकेट,स्क्वायर लेग, फाइन लेग, थर्ड मैन, लोंग आफ, लॉन्ग ऑन, डीप कवर, डीप पॉइंट, डीप मिड विकेट, शॉट लेग, सिली पॉइंट तथा लेग स्लिप।
Table of Contents
क्रिकेट फील्डिंग पोजीशंस के नाम (Cricket fielding positions name)
क्रिकेट में मैदान पर खिलाड़ियों को अलग-अलग जगह पर क्षेत्ररक्षण हेतु खड़ा किया जाता है क्रिकेट मैदान (cricket ground) पर जहां भी खिलाड़ी फील्डिंग के लिए खड़े होते हैं उस पोजीशन का एक नाम होता है। वैसे तो क्रिकेट में 25 से 30 पोजीशन होती है पर सभी का इस्तेमाल नहीं होता है क्योंकि सब की जरूरत पड़ती नहीं है। आज के लेख में सभी महत्वपूर्ण क्रिकेट पोजीशंस के बारे में बताया गया है।
आपको आसानी से याद हो जाए बिना किसी कन्फ्यूजन के इसलिए हमने नजदीकी क्रिकेट पोजीशंस से लेकर दूर के पोजीशन के बारे में बताया है।
क्रिकेट में नजदीकी पोजीशंस (Closer positions in cricket)
सिली पॉइंट, शॉर्ट लेग, फॉरवर्ड शॉर्ट लेग, स्लिप, लेग स्लिप, गली।
सिली पॉइंट – बैट्समैन के सबसे नजदीक फील्डिंग पोजीशन सिली पॉइंट (Silly point) होता है इसके नाम से ही जाहिर है यह एक अजीब सा पोजीशन है जिसमें हमेशा खतरा बना रहता है। यह पोजीशन बैट्समैन से मुश्किल से दो बैट की दूरी पर होता है, यह पोजीशन ऑफसाइड तथा लेग साइड दोनों तरफ होता है और एक साथ भी लगाया जा सकता है।
इस पोजीशन में फील्डर के चोटिल होने का खतरा बना रहता है क्योंकि उसके पास बैट्समैन द्वारा शॉट मारने के बाद रिएक्ट करने का टाइम बहुत कम होता है। कप्तान इस पोजीशन का इस्तेमाल ज्यादातर टेस्ट मैच (test match) में करता है खासतौर पर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ इस तरह की पोजीशंस लगाई जाती है।
टेस्ट मैच में एक से अधिक सिली पॉइंट पोजीशन लगाई जाती देखी गई है, भारतीय जमीन पर चौथे दिन काफी ज्यादा स्पिन होती है। ऑस्ट्रेलिया और इंडिया के पुराने मैच में पोंटिंग को आउट करने के लिए हरभजन सिंह की गेंदबाजी में सिली पॉइंट पोजीशन का कप्तान सौरव गांगुली काफी ज्यादा इस्तेमाल करते थे।
शॉर्ट लेग – जब क्षेत्र रक्षण खिलाड़ी बल्लेबाज के लेग साइड की दिशा में कुछ दूरी पर खड़ा होता है उसे शॉर्ट लेग (Short leg) कहा जाता है।
फॉरवर्ड शॉर्ट लेग – बल्लेबाज से कुछ दूरी पर कैच लेने के लिए खड़ा खिलाड़ी की पोजीशन को फॉरवर्ड शॉर्ट लेग कहते हैं। यह फील्डिंग पोजिशन शॉर्ट लेग की तरह नजदीक होती है अंतर सिर्फ इतना है कि यह पोजीशन बल्लेबाज के फ्रंट दिशा में होती है जबकि शॉट लेग लेग दिशा में होती है।
स्लिप – स्लिप पोजीशन बल्लेबाज के तथा विकेट्स के पीछे खड़े विकेटकीपर के दाहिने ओर होती है, यानी ऑक्साइड की तरफ।
लेग स्लिप – मेन स्लिप की तरह यह पोजीशन भी बैट्समैन के पीछे की और विकेटकीपर (Wicketkeeper) के पास होता है पर फर्क सिर्फ इतना है कि इस पोजीशन में खड़ा खिलाड़ी बल्लेबाज के लेग दिशा में होता है।
गली – इस पोजीशन में खिलाड़ी पॉइंट तथा थर्ड स्लिप के बीच में उनसे कुछ आगे बल्लेबाज से कुछ दूरी पर खड़ा होता है।
क्रिकेट में मिड रेंज पोजीशंस (Inner ring positions in cricket match)
पॉइंट, कवर, मिड ऑफ़, मिड ऑन, मिड विकेट,स्क्वायर लेग एक्स्ट्रा कवर्स।
पॉइंट – जब क्षेत्ररक्षक खिलाड़ी बल्लेबाज के ऑफसाइड की दिशा में तीनों स्टंप्स की सीध में थोड़ा अंदर की तरफ यानी स्लिप की तरफ खड़ा होता है उसे पॉइंट कहते हैं। तीनों स्टंप्स की सीध में से मतलब जिस तरफ बल्लेबाज द्वारा स्क्वायर कट मारा जाता है।
क्या आपने कभी पॉइंट की दिशा में सिक्सर मारे हैं, ऐसी तकनीक जिसे आपको सीखना चाहिए ताकि ऑफ साइड में सिक्स मार सकें।
कवर – ऑफ साइड में गेंदबाजा और पॉइंट के बीच की पोजीशन को कवर कहा जाता है। इसमें भी एक से अधिक खिलाड़ी खड़े हो सकते हैं। इस फील्डिंग पोजिशन का मुख्य फोकस किसी प्रकार की ड्राइव शॉट अर्थात जमीन से लगती हुई गेंद को रोकना होता है।
एक्स्ट्रा कवर्स – कवर की तरह यह भी बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच का क्षेत्र होता है किंतु यह थोड़ा और गेंदबाज की तरफ होता है।
मिड ऑफ़ – जहां से गेंदबाज गेंदबाजी करना शुरू करता है ठीक उस जगह से ऑफसाइड की दिशा में बल्लेबाज के बिल्कुल सीधे फील्डर खड़ा होता है उस पोजीशन को मिड ऑफ कहा जाता है। इस फील्डर का लक्ष्य बल्लेबाज द्वारा मारे गए स्ट्रेट ड्राइव तथा सीधे खेले गए तेज शॉट को रोकना होता है।
मिड ऑन – मिड आफ पोजिशन की तरह जहां से गेंदबाज गेंदबाजी शुरू करता है वहां खिलाड़ी खड़ा होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि खिलाड़ी लेग साइड में खड़ा होता है। इसका कार्य बल्लेबाज द्वारा खेले गए स्ट्रेट तथा ऑन साइड ड्राइव को रोकना होता है।
मिड विकेट – यह लेग साइड की पोजीशन है जो मिड ऑन और स्क्वेयर लेग के बीच होती है इस पोजीशन में खड़े खिलाड़ी का कार्य फ्लिक शॉट तथा पुश शॉट को रोकना होता है।
स्क्वायर लेग – जब क्षेत्र रक्षण खिलाड़ी बल्लेबाज के लेग साइड में 90 डिग्री के एंगल में खड़ा होता है तो उसे स्क्वायर लेग पोजीशन कहते हैं। इस पोजीशन पर खड़े खिलाड़ी का कार्य फ्लिक शॉट तथा पुल शॉट को रोकना होता है। बल्लेबाजी करते हुए कैसे खड़े हों नीचे दिए गए चित्र में देखिए।

क्रिकेट में दूर की पोजीशंस (Deep fielders in cricket)
डीप पॉइंट – पॉइंट का खिलाड़ी 30 गज की रेखा के अंदर होता है उसे जब पीछे भेजा जाता है या कोई दूसरा खिलाड़ी पॉइंट की दिशा में बाउंड्री के पास लगाया जाता है उसे डीप पॉइंट पोजीशन कहा जाता है।
डीप कवर – जिस तरह कर्व्स का खिलाड़ी 30 गज के अंदर खड़ा होता है सिंगल डबल्स रोकने के लिए। कर्व्स की दिशा में ही दूर बाउंड्री रोप के पास में जो खिलाड़ी खड़ा किया जाता है उस पोजीशन को डीप कवर कहते हैं। इसका उद्देश्य चौके रोकना तथा ऊंचे कैच को पकड़ना होता है।
लॉन्ग ऑफ – मिड ऑफ़ पोजीशन के ठीक पीछे ग्राउंड की सीमा रेखा के पास जब खिलाड़ी को खड़ा किया जाता है तो उसे लॉन्ग ऑफ कहा जाता है। इस पोजीशन में लंबे ऊंचे कैच पकड़ने के लिए खिलाड़ी को रखा जाता है। यह गेंदबाज के पीछे की ओर विकेट से ऑफसाइड दिशा में होता है।
लॉन्ग ऑन – मिड ऑन के ठीक पीछे सीमा रेखा पर खिलाड़ी खड़ा होता है तो उस पोजीशन को लांग ऑन कहते हैं। यह गेंदबाज के पीछे की ओर विकेट से लेग दिशा में होता है।
डीप मिड विकेट – मिड विकेट के पीछे बाउंड्री के पास वाला पोजीशन होता है। यहां खिलाड़ी को चार रन, तीन रन रोकने के लिए तथा लंबे कैच पकड़ने के लिए खड़ा किया जाता है।
फाइन लेग – बल्लेबाज के पीछे लेफ्ट साइड बाउंड्री के पास की पोजीशन होती है। जब बल्लेबाज विकेटकीपर के बगल से पीछे की दिशा में शॉट खेलते हैं जैसे फ्लिक शॉट, फाइन फ्लिक शॉट तो उसे रोकने के लिए फाइन लेग पर खिलाड़ी को खड़ा किया जाता है। सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की बल्लेबाजी के दौरान विपक्षी टीम फाइन लेग जरूर लगाते थे।
थर्ड मैन – विकेट के पीछे की ओर स्लिप से पीछे बाउंड्री रेखा पर खिलाड़ी इस पोजीशन में खड़ा होता है उसे थर्ड मैन कहते हैं। पॉइंट और थर्ड स्लिप के बीच की दिशा से ठीक पीछे की ओर बाउंड्री पर खड़ा होता है खिलाड़ी। बल्लेबाज के बल्ले का ऊपरी हिस्सा लगता है और थर्ड मैन उसे लपकने के लिए तैयार रहता है।
डीप स्क्वायर लेग – स्क्वायर लेग के ठीक पीछे खड़े खिलाड़ी की पोजीशन को डीप स्क्वायर लेग कहते हैं। खिलाड़ी का काम लेग साइड में लपेटे गए शॉट को रोकना तथा कैच करना होता है।विपक्षी टीमें अक्सर विराट कोहली के लिए डीप स्क्वायर लेग पोजीशन लगाती है क्योंकि कोहली के फ्लिक शॉट काफी पावरफुल होते हैं।
सारांश – क्रिकेट फील्डिंग पोजीशंस के नाम जैसे स्लिप, गली, पॉइंट, कवर, एक्स्ट्रा कवर्स, मिड ऑफ़, मिड ऑन, मिड विकेट इत्यादि के बारे में विस्तार से बताया गया है। बल्लेबाज से सबसे नजदीक की पोजीशंस, फिर थोड़ा दूर की पोजीशन और सबसे दूर बाउंड्री सीमा की पोजीशंस के नाम तथा फील्डिंग कर रहे खिलाड़ी का रोल बताया गया है।
